Thursday, 14 May 2020

Resurgence of our country

आज हम अपने देश की हालत को देखते हुए बहुत ही खेद होता है और आत्मग्लानि भी कि हम अपने देश के लिए ऐसा नहीं कर सकते जिससे देश की जनता भुखमरी, रहने सहने की व्यवस्था, व शोषण से बच सके लोग अपने बच्चों के लिए घर छोड़कर अन्यंत्र जगह पर रहकर अपने जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं,आजकल तो कोरॉना बीमारी से लोग और ज्यादा परेशान है,कहीं तो लोग 800 किलोमीटर कहीं हजार किलोमीटर तक की दूरी अपने सामान बच्चों के साथ पैदल ही जा रहे हैं अपने घर के लिए और कई लोग बिना जूते चप्पल पहने हुए बिना खाए पिए दिन-रात अपने घर के लिए जा रहे हैं और कई लोग किसी साधन विशेष से एक्सीडेंट के साथ भी मर रहे हैं जब ऐसी इमेज आंखों के सामने हम लोग देख रहे हैं और उनके लिए लोग कुछ कर नहीं पा रहे हैं आखिर ये दृश्य हमारे देश में देखने को मिल रहे हैं वह क्या प्रदर्शित कर रहे हैं कई लोग जहाजों से आ रहे हैं और कईयों के लिए बस की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। कुछ लोग ऐसे समय में शराब ना पीने के कारण परेशान है तो कुछ लोग भौतिक सुविधाएं प्राप्त नहीं होने के कारण परेशान हैं। इस तरह आधुनिक भारत अनेक विभिन्नता आएं अपने साथ लिए हुए हैं जिनमें धर्म विशेष जाति पंथ संप्रदाय के आधार पर भी कई घटनाएं देखने को मिल रही हैं जो बहुत ही अप्रिय हैं।
देश का इस तरीका से भेदभाव पूर्ण व्यवहार अमीरी गरीबी के बीच धर्म जाति विशेष के बीच यह देश की किस दशा का प्रदर्शन हो रहा है क्या वही देश है 18 सो 97 में अमेरिका के शिकागो शहर में स्वामी विवेकानंद जी ने जो भारत देश की संस्कृति को संपूर्ण विश्व के सामने साबित किया था कि भारत सबसे उत्तम संस्कृति को धारण करने वाला देश है और वसुधैव कुटुंबकम की धारणा भारत के सभी देशवासियों में कूट-कूट कर भरी हुई है आज अनेक घटनाओं को देखकर हमें ऐसा महसूस नहीं हो रहा है कि हम उसी देश के वासी हैं। क्या ऐसा भारत देखना ही चाहते थे बहुत सारे क्रांतिकारी लोग जिन्होंने अपने प्राणों की बलि चढ़ाकर देश को आजादी दिलाई। लेकिन आज हमारा भारत देश अपनी मानवीय मूल्यों में बहुत कमी ला चुका है जिसके वजह से आए दिन अनेक दंगे फसाद भ्रष्टाचार घोटाले देखने को मिल रहे हैं और जो व्यक्ति मेहनत कर रहा है उसे कोई सुविधा नहीं। हालांकि कुछ अच्छे विचारों के लोग कुछ संस्थाएं कुछ धर्मगुरु जो अपने धर्म का पालन करते हुए देश को अच्छा संदेश दे रहे हैं। गरीब लोगों को जरूरतमंद लोगों को भोजन प्रदान कर रहे हैं और आर्थिक सहायता भी।
मेरा भारत देश अब सिर्फ महान संत कबीर साहिब वर्तमान में संत रामपाल दास जी महाराज द्वारा दिया हुआ सत्य ज्ञान और मानवी सद्गुणों का विकास जब समाज में होगा तभी हमारा महान देश बन सकता है। क्योंकि सही तत्वज्ञान मिलने से लोगों के अंदर अनेक प्रकार की बुराइयां खत्म हो जाती हैं और लोग अपने आत्मज्ञान को जीवन में अपनाने लग जाती हैं और परोपकार की भावना लोगों के अंदर विकसित हो जाती है जिससे समाज में व्याप्त अनेक प्रकार के कुरीतियां जैसे दहेज, रिश्वतखोरी चोरी,जारी, बलात्कार ,आदि साथ ही लोगों में बुरे व्यसन जैसे शराब पीना, गुटखा तंबाकू सिगरेट और अनेक प्रकार के गलत आदतें खत्म हो जाती हैं जिससे हमारे देश की बर्बादी रुक जाती है और लोगों के पास धन की कमी नहीं रहती और अच्छे विचारों से संपूर्ण देश लाभान्वित होता है साथ ही सुशोभित भी। हमें ऐसे विचारों से पर पूरे संत की जरूरत है जो सभी देश की जनता को सभी प्रकार से एक समानता से देखें और सबको समान सम्मान दें और भेदभाव खत्म कर दे। मेरा जहां तक अनुमान है संत शिरोमणि  रामपाल जी महाराज एकमात्र ऐसे संत हैं जो अपने अध्यात्म शक्ति से किसी भी प्रकार की बीमारी को समाप्त करने का दावा करते हैं और प्रमाण भी दिखाते हैं और यह बात बिल्कुल सच भी है तो क्यों ना हम संत रामपाल जी महाराज के द्वारा दिया हुआ ज्ञान एक बार जरूर सुनें देखें। अधिक जानकरी हेतु देखे साधना चैनल प्रतिदिन 7:30 से 8:30 तक शाम तक

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