Wednesday, 15 July 2020

शिवरात्रि

हिंदू धर्म में अनेक देवी देवताओं की पूजा की जाती है साथ ही उनके विशेष दिनों में उनका विशेष पुण्य मिलता है ऐसा माना जाता है। हिंदू धर्म में अनेक त्योहार, पर्व और अनेक पुण्यतिथि प्रसिद्ध हैं। हिंदुओं में सावन का महीना को बहुत ही पुण्य कामों के लिए शुभ माना जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव कि यदि भक्ति मन से की जाए तो निश्चित ही मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में खुशहाली आती है और अनेक प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं। सावन के महीने में शिव जी की भक्ति करने से अनेक लाभ हैं ऐसा माना गया हैं।हिंदू धर्म में शिवरात्रि तो महत्वपूर्ण है लेकिन सावन की पूरा महीना बहुत ही पवित्र और पुण्य कर्म वाला माना है भोलेनाथ जी पर पूरे महीने बेलपत्रर के पत्ते चढ़ाए जाते हैं और अनेक प्रकार की पूजा की जाती हैं इस प्रकार हिंदूू धर्म भोलेजी के पूजा पाठ किया जाता है मिल सकते हैं।
लेकिन क्या सच में ऐसा हो पाता है शायद कुछ लोगों का संभव हो पाता है और कुछ लोगों का बिल्कुल नहीं लेकिन क्या करें हमारी जो श्रद्धा है विश्वास है इसलिए भगवान भी कुछ ना कुछ अच्छा अवश्य करता है लेकिन वास्तविक रूप से देखा जाए तो यह साधना करने से जीवन में मोक्ष प्राप्ति नहीं हो सकती है। क्योंकि गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में स्पष्ट कर दिया गया है फिर जो लोग देवताओं की पूजा करेंगे वह देवताओं को प्राप्त होंगे पितरों की पूजा करें में पितरों को प्राप्त भूतों की पूजा करने वाले भूतों को प्राप्त होंगे और जो गीता ज्ञान दाता की भक्ति करेगा वह उसको प्राप्त होगा।
लेकिन हम हिंदू धर्म के लोग अपने भक्ति भाव परंपरा में मिला हुआ ज्ञान उसमें तर्क वितर्क करना नहीं चाहते हैं जबकि गीता पवित्र धर्म ग्रंथ है जिसको हम पढ़कर निश्चित रूप से सही साधना करेंगे और मोक्ष को प्राप्त कर सकेंगे और परमात्मा द्वारा दिया हुआ अध्यात्मिक ज्ञान से अध्यापन मानसिक शारीरिक लाभ को प्राप्त कर सकेंगे और अपना मानव जीवन सफल बना सकते हैं। निश्चित ही हमें इस ज्ञान को ग्रहण करना चाहिए जो सच है।
अधिक जानकारी के लिए प्रतिदिन देखिए साधना चैनल शाम 7:30 बजे से 8:30 बजे तक

Wednesday, 1 July 2020

नशा से बर्बादी सिर्फ..

नशा जीवन में बर्बादी ही कर सकता है,
नशा से युक्त मानव एक प्रकार से ऐसे जीवन गुजारता है जैसे सिर्फ नशा ही उसका जीवन का सबसे अमूल्य पदार्थ है ,और नशा ही उसकी आवश्यक तत्व है और ईश्वर का विधान उसे अच्छा नहीं लगता जोकि नशा के विरुद्ध है ।उसे सिर्फ रात दिन ऐसा लगता है कि वह नशा करते रहे और मस्त रहे लेकिन क्या ऐसे कोई मस्त रह सकता है ! इसमें समझदार इंसान कहेगा कि ऐसा करना और ऐसा समझना मूर्ख का कार्य है ,और साथ ही नशा के लिए धन की जरूरत होती है जोकि कोई भी अच्छा इंसान परिवार के सदस्य भी ऐसा करने से रोकने का कार्य करते है फिर भी नहीं मानता जो नशा करता है फिर आखिर ऐसा क्यों करते हैं लोग? यदि इससे मुक्त होना है तो एक बार संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक जीने की राह जरूर पढ़ें। wwwjagatgururampalji.org/se book download karen

Wednesday, 17 June 2020

janmaashtami

Shree Krishna 
                            भारत में अनेक भगवान अवतार के रूप में धरती पर पैदा हुए और अपनी लीना मैं रूप में जीवन बिता कर अपनी निजी लोक में वापस चले गए।  उन्हीं भगवानों में श्री कृष्ण मुख्य हैं श्री कृष्ण भगवान मथुरा नगरी में जेल के अंदर जन्म लिया और बाद में अनेक दुष्ट राक्षसों को मारा और धर्मी पुरुषों, संतो, ब्राह्मण की रक्षा करते हुए धर्म के मार्ग को आगे बढ़ाया और धर्म में विश्वास रखने वाले लोगों को रक्षा करने का वायदा पूरा किया ।

Monday, 1 June 2020

Miracles of Kabir lord

,Miracles of Kabir lord ,
Kabir can do impossible to possible as one time lord Kabir stopped an intense sea storm ,for savings his devotee name "damodar Seth "along with his ship Which was about to get sunk in sea .

Wednesday, 20 May 2020

Pious work of Saint rampal ji

आधुनिक भारत में अनेक संत, महंत, गुरु, शंकराचार्य, कथावाचक, एवं समाज सुधारक संत हैं। जो समाज को किसी न किसी प्रकार से प्रभावित कर रहे हैं और अपना योगदान समाज हित के लिए कर रहे हैं उन्हीं में से   कुछ समाज को अध्यात्म और भक्ति के सहारे समाज को एक नई दिशा देते हैं जिसकी वजह से भारत को एक नया आयाम मिलता है और अपनी पहचान सभी देशों में उच्च श्रेणी में स्थापित करता  है,अपनी संस्कृति को सभी देशों से लोहा मनवाने हेतु मजबूर करता है।ऐसे ही आधुनिक भारत के ऐसे संत जिसकी ज्ञान चर्चा, अध्यात्म, महिमा विश्व में शिखर पर है जिनका नाम है -जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जो आज भारत में ही नहीं बल्कि अनेक देशों में अपने द्वारा चलाया हुआ सद्भक्ति और समाज सुधारक विचारधारा से अनेक देशों में अपना लोहा मनवाने के लिए मजबूर कर दिया है
संत जी के विचार लगभग 600 वर्ष पूर्व संत कबीर दास जी महाराज से प्रभावित और आधारित ज्ञान से अनेक देशों में परमात्मा की सही भक्ति के साथ-साथ समाज में अनेक प्रकार की कुरीतियां,जैसे -दहेज मुक्त शादी,मृत्युभोज,विवाह में अनेक प्रकार के फिजूल खर्च, बैंड बाजा,नाचना,शराब पीना,मांस खाना,बिना शास्त्र अनुकूल अनेक प्रकार की पूजा,पाठ बंद करवाने का  कार्य किया जिससे  समाज अपना धन खर्च करके बर्बाद हो रहा है।
संत रामपाल जी महाराज के विचार ऐसे हैं जिनको प्रत्येक व्यक्ति अपना कर अपना मानव जीवन बहुत ही सुखद व समृद्ध बनाता है और अध्यात्म मार्ग पर चलकर अपने मानवीय जीवन को  अच्छी प्रकार से व्यतीत करते हुए साथ साथ संपूर्ण समाज को एक अच्छी सोच और विचारधारा से प्रभावित करके एक नया भारत जो अपनी संस्कृति से भरपूर और परमात्मा के अध्यात्म ज्ञान से परिपूर्ण आधुनिक भारत बनाता है। संत रामपाल जी महाराज की विचारधारा है कि भारत देश के सभी लोग इस ज्ञान को आत्मसात करें और विश्व के सभी लोगों को इस विचारधारा पर चलने के लिए प्रेरित करें और वसुधैव कुटुंबकम की विचारधारा फिर से एक बार पूरे विश्व में अपना स्थान बनाए। उन्होंने बताया है कि परमात्मा एक है और उसी की सभी आत्माएं हैं जो सिर्फ परमात्मा की सद्भक्ति से इस धरती लोक पर सुख प्राप्त कर सकती हैं साथ ही सद्भक्ति से परमात्मा तत्व को पहचान कर मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। इंसान वही है जो सभी धर्मों में वर्णित अनेक बुराइयों से दूर रहते हुए परमात्मा की सही भक्ति करते हैं और परमार्थ का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया है कि यह संसार परमात्मा ने बनाया है तो उसके द्वारा बताया हुआ संविधान यदि हम नहीं अपनाते हैं तो मानव जीवन को वर्तमान में खराब करते हुए बहुत ही दुख प्राप्त होता है और मरने के बाद आत्मा पशुओं पक्षियों की योनि को प्राप्त करते हुए नर्क की प्राप्ति करता है इसलिए सही ज्ञान कौन दे रहा है ये अपने पवित्र धर्म शास्त्रों में लिखित पुस्तकों को मिलाइए कौन है तत्वदर्शी संत?

संत रामपाल जी महाराज पवित्र गीता जी के माध्यम से यह साबित करते हैं कि तत्वदर्शी संत वह संत होता है जो संपूर्ण मानव के लिए प्रेरणा करता है कि हमें इस संसार में किस महाशक्ति ने पैदा किया। किस लिए उस ईश्वर की शक्ति ने हमको इस धरती पर जन्म दिया किस उद्देश्य को पूरा करने के लिए अन्य प्राणियों से अधिक सुखी जीवन मानव के लिए दिया और मानव को कौन से कार्य करने चाहिए और कौन से नहीं। यदि तत्वदर्शी संत समाज में समय समय पर उपलब्ध नहीं होते तो इस धरती पर पापों का भार बढ़ने लग जाता है और फिर कुदरत अपना बदला लेकर मानव सभ्यता को नष्ट कर देता है इसलिए आज संत रामपाल जी महाराज वह संत हैं जो समाज में व्याप्त अनेक प्रकार की बुराइयां से लोगों को नफरत करा कर और उनके शारीरिक मानसिक,अध्यात्मिक हानियां क्या है परिचित कराते हैं तब लोग निश्चित रूप में छोड़ देते है । परमात्मा की सदभक्ति से ही ऐसा संभव है कि आज लाखों लोग संत जी की भक्ति व विचारधारा से शराब पीना,मांस खाना,पराई स्त्री से गमन करना,नशा, जुआ खेलना, भ्रष्टाचार करना,चोरी करना,मिलावट करना,साथ ही नाचना,गाना, झूठ बोलना,पाखंड करना,और अनेक प्रकार की सामाजिक कुरीतियां को छोड़ देता है। इसलिए संत जी आधुनिक भारत के सबसे संत हैं जिनका विरोध भी होता रहा है लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और जिसके बजह से आज भी लोग उनको लगातार अपना गुरू बनाकर अनेक ऐसे लाभ प्राप्त कर रहे है जो आज तक किसी संत महंत ना प्राप्त कर सका ,एड्स, कैंसर,जैसे लाइलाज बीमारियां भी भक्ति से खत्म होती है , इसलिए ही कहते है कि "भक्ति में शक्ति होती है।अधिक जानकारी हेतु-www.jagatgururampalji.org

Thursday, 14 May 2020

Resurgence of our country

आज हम अपने देश की हालत को देखते हुए बहुत ही खेद होता है और आत्मग्लानि भी कि हम अपने देश के लिए ऐसा नहीं कर सकते जिससे देश की जनता भुखमरी, रहने सहने की व्यवस्था, व शोषण से बच सके लोग अपने बच्चों के लिए घर छोड़कर अन्यंत्र जगह पर रहकर अपने जीवन को आगे बढ़ा रहे हैं,आजकल तो कोरॉना बीमारी से लोग और ज्यादा परेशान है,कहीं तो लोग 800 किलोमीटर कहीं हजार किलोमीटर तक की दूरी अपने सामान बच्चों के साथ पैदल ही जा रहे हैं अपने घर के लिए और कई लोग बिना जूते चप्पल पहने हुए बिना खाए पिए दिन-रात अपने घर के लिए जा रहे हैं और कई लोग किसी साधन विशेष से एक्सीडेंट के साथ भी मर रहे हैं जब ऐसी इमेज आंखों के सामने हम लोग देख रहे हैं और उनके लिए लोग कुछ कर नहीं पा रहे हैं आखिर ये दृश्य हमारे देश में देखने को मिल रहे हैं वह क्या प्रदर्शित कर रहे हैं कई लोग जहाजों से आ रहे हैं और कईयों के लिए बस की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। कुछ लोग ऐसे समय में शराब ना पीने के कारण परेशान है तो कुछ लोग भौतिक सुविधाएं प्राप्त नहीं होने के कारण परेशान हैं। इस तरह आधुनिक भारत अनेक विभिन्नता आएं अपने साथ लिए हुए हैं जिनमें धर्म विशेष जाति पंथ संप्रदाय के आधार पर भी कई घटनाएं देखने को मिल रही हैं जो बहुत ही अप्रिय हैं।
देश का इस तरीका से भेदभाव पूर्ण व्यवहार अमीरी गरीबी के बीच धर्म जाति विशेष के बीच यह देश की किस दशा का प्रदर्शन हो रहा है क्या वही देश है 18 सो 97 में अमेरिका के शिकागो शहर में स्वामी विवेकानंद जी ने जो भारत देश की संस्कृति को संपूर्ण विश्व के सामने साबित किया था कि भारत सबसे उत्तम संस्कृति को धारण करने वाला देश है और वसुधैव कुटुंबकम की धारणा भारत के सभी देशवासियों में कूट-कूट कर भरी हुई है आज अनेक घटनाओं को देखकर हमें ऐसा महसूस नहीं हो रहा है कि हम उसी देश के वासी हैं। क्या ऐसा भारत देखना ही चाहते थे बहुत सारे क्रांतिकारी लोग जिन्होंने अपने प्राणों की बलि चढ़ाकर देश को आजादी दिलाई। लेकिन आज हमारा भारत देश अपनी मानवीय मूल्यों में बहुत कमी ला चुका है जिसके वजह से आए दिन अनेक दंगे फसाद भ्रष्टाचार घोटाले देखने को मिल रहे हैं और जो व्यक्ति मेहनत कर रहा है उसे कोई सुविधा नहीं। हालांकि कुछ अच्छे विचारों के लोग कुछ संस्थाएं कुछ धर्मगुरु जो अपने धर्म का पालन करते हुए देश को अच्छा संदेश दे रहे हैं। गरीब लोगों को जरूरतमंद लोगों को भोजन प्रदान कर रहे हैं और आर्थिक सहायता भी।
मेरा भारत देश अब सिर्फ महान संत कबीर साहिब वर्तमान में संत रामपाल दास जी महाराज द्वारा दिया हुआ सत्य ज्ञान और मानवी सद्गुणों का विकास जब समाज में होगा तभी हमारा महान देश बन सकता है। क्योंकि सही तत्वज्ञान मिलने से लोगों के अंदर अनेक प्रकार की बुराइयां खत्म हो जाती हैं और लोग अपने आत्मज्ञान को जीवन में अपनाने लग जाती हैं और परोपकार की भावना लोगों के अंदर विकसित हो जाती है जिससे समाज में व्याप्त अनेक प्रकार के कुरीतियां जैसे दहेज, रिश्वतखोरी चोरी,जारी, बलात्कार ,आदि साथ ही लोगों में बुरे व्यसन जैसे शराब पीना, गुटखा तंबाकू सिगरेट और अनेक प्रकार के गलत आदतें खत्म हो जाती हैं जिससे हमारे देश की बर्बादी रुक जाती है और लोगों के पास धन की कमी नहीं रहती और अच्छे विचारों से संपूर्ण देश लाभान्वित होता है साथ ही सुशोभित भी। हमें ऐसे विचारों से पर पूरे संत की जरूरत है जो सभी देश की जनता को सभी प्रकार से एक समानता से देखें और सबको समान सम्मान दें और भेदभाव खत्म कर दे। मेरा जहां तक अनुमान है संत शिरोमणि  रामपाल जी महाराज एकमात्र ऐसे संत हैं जो अपने अध्यात्म शक्ति से किसी भी प्रकार की बीमारी को समाप्त करने का दावा करते हैं और प्रमाण भी दिखाते हैं और यह बात बिल्कुल सच भी है तो क्यों ना हम संत रामपाल जी महाराज के द्वारा दिया हुआ ज्ञान एक बार जरूर सुनें देखें। अधिक जानकरी हेतु देखे साधना चैनल प्रतिदिन 7:30 से 8:30 तक शाम तक

Wednesday, 13 May 2020

Lot of disease and one solution

आज के समय में लगभग सभी व्यक्तियों को कोई न कोई बीमारी होती है जिनमें से कई लोगों को गंभीर बीमारियां चपेट में ले लेती हैं और जिन का इलाज संभव भी नहीं है और कुछ लोग ऐसे होते हैं जो डॉक्टरों को भी दिखा कर अपनी बीमारियों में आराम महसूस नहीं करते हैं। और कई बीमारियां ना इलाज होती हैं जिनसे मानव की जिंदगी पूरी तरह से निराश से भरपूर हो जाती है और वह मनुष्य जीवित ही अपने शरीर से परेशान हो जाता है और सोचता है कि मर जाना ही अच्छा है। कई लोग अध्यात्म दृष्टि से इलाज ढूंढने की कोशिश करते हैं इस शायद कोई ईश्वरीय शक्ति धर्मगुरु आचार्य कोई इलाज या अपने आशीर्वाद से अथवा किसी भक्ति विधि से बीमारी को समाप्त कर दे। आज हम आपको ऐसे संत की जानकारी प्राप्त करा रहे हैं जिनकी भक्ति विधि से लगभग सभी रोगों से लोगों को आराम महसूस हुआ और आज दे पूरी तरह से स्वस्थ हो गए उदाहरण देखें आप भी
आप अभी यदि किसी ऐसी बीमारी से पीड़ित हैं जो ना इलाज हो
अथवा जो बीमारी जीवन भर दवाइयों के सारा चले और समाप्त न हो तो निश्चित ही आप सद्गुरु रामपाल जी महाराज द्वारा दी हुई सद्भक्ति प्राप्त करें और अपने जीवन को सुखमय बनाएं और संपूर्ण सच्चा अध्यात्म मार्ग प्राप्त करें और मोक्ष प्राप्ति करें और अपनी मानव जीवन को पहचाने की किस उद्देश्य के लिए ईश्वर ने आपका मानव जन्म आपको दिया और आपने अब तक क्या अच्छा किया जो आपकी लाइफ में उचित हो। देखिए अधिक जानकारी के लिए साधना चैनल 7:30 बजे से 8:30 बजे तक शाम को प्रतिदिन